भक्त माल || 02 || विषय सूची

विषय


श्रीहनुमत् नमः।

भूमिका, समर्पण

मंगलाचरण (परमहंस श्रीशुक) 
टीका का नाम स्वरूप वर्णन
प्रीभक्तिस्वरूप वर्णन
भक्ति पचरस वर्णन (सत्सङ्ग)
चिरस स्वरूप विस्तार यत्र
शान्त रस
शस्य रस
वात्सल्यरस
सख्य रस
शृङ्गार रस
भक्तिपंचरस व्याख्या पूर्ति 
सत्सङ्ग प्रभाव वर्णन
गोस्वामी श्रीनाभाजी का वर्णन
श्रीरूपकला चित्र
श्रीभक्तमाल स्वरूप वर्णन
मूल मङ्गलाचरण दोहा
श्रीगोस्वामी नाभाजी की आदि
आज्ञासमय की टीका
अवस्था वर्णन
चौबीस अवतारों के नाम
श्रीरामचन्द्र पदपद्मचिह्न
श्रीचरण चित्र
श्रीचरणसरोज की रेखाएं
उनके नाम, स्थान, इत्यादि
उनकी महिमा

भक्तो की माला का प्रारंभ
1. श्रीब्रह्माजी
2. श्रीनारदजी
3. श्रीशिवजी
4. श्रीसनकादि
5. श्रीकपिलदेवजी
6. श्रीमनुजी श्रीदशरथजी
7. श्रीप्रह्लादजी
8. राषि श्रीजनकजी
9. श्रीभीष्मजी
10. श्रीवलिजी
11. श्रीशुकजी
12. श्रीधर्मराजजी और श्रीअजामिल जी 
13. श्रीविष्वक्सेन आदि पार्षद
14. श्रीलक्ष्मीजी

श्रीपार्षद
श्रीगरुडजी
श्रीरामदूत हनुमान्जी
श्रीजाम्बवान्जी
श्रीसुग्रीवजी
श्रीविभीषणजी
देवी श्रीसबरीजी
खगपति श्रीजटायुजी
श्रीअम्बरीषजी महाराज और महारानी 
श्रीविदुरानीजीऔर श्रीविदुरजी
श्रीसुदामाजी (दामनजी)
श्री चन्द्रहासजी
श्रीमैत्रेय ऋषिजी
श्रीअक्रूरजी
श्रीचित्रकेतुजी
श्रीउद्धवजी (पूर्वी)
श्रीध्रुवजी
श्रीअर्जुनजी
श्रीयुधिष्ठिरादि ५ पाडव
श्रीगजेन्द्रजी, ग्राहजी
श्रीकुन्तीजी
श्रीद्रौपदीजी
श्रीश्रुतिदेवजी (बहुलास्व)
नव योगीश्वर
राजा श्रीअङ्गजी
राजा मुचुकुन्दजी
महाराज श्रीप्रियव्रतजी
राजा श्रीपृथुजी
महाराज श्रीपरीक्षितजी
श्रीशेषजी
श्रीसूतजी व श्रीशौनकजी
श्रीप्रचेताजी
श्रीशतरूपा व श्रीकौगल्याजी
श्रीप्रसूतीजी
श्रीआकूतीजी
श्रीदेवहूतीजी
श्रीसुनीतीजी
देवी श्रीमन्दालसाजी

श्रीसतीजी (श्रीउमाजी) (यज्ञपत्नी) 
श्रीमथुरानी चौवाइन
श्रीगोपिकावृन्द
मपि श्रीवाल्मीकिजी
दूसरे बाल्मीकिजी
प्राचीन बहिजी
श्रीसत्यव्रतजी
श्रीमिथिलेशजी
राजा श्रीनीलध्वजजी
श्रीरहूगणजी
श्रीसगरजी
महाराज श्रीभगीरथजी
श्रीरुक्मागदजी
राजा रुक्मागद की सुता
महाराज श्रीहरिश्चन्द्रजी
श्रीसुरथ, श्रीसुधन्वाजी
राजा श्रीशिविजी
श्रीभरतजी
श्रीदधीचिजी
श्री बिन्ध्यावलीजी
श्रीमोरध्वजजी, श्रीताम्रध्वजजी
श्रीअलर्कजी
श्रीरन्तिदेवजी
श्रीगुहनिषादजी
श्रीऋभुजी
महाराज श्रीइक्ष्वाकुजी
श्रीऐल (पुरूरवाजी)
श्रीगाधिजी
महाराज श्रीरघुजी
श्रीरयजी
श्रीगयजी
श्रीशतधन्वाजी
श्रीउतङ्घजी
श्रीदेवलजी, 
श्रीअमूर्तजी
श्रीनहुषजी
श्रीययातिजी

दिलीपजी
प्रदुजी
नान्धाताजी
विदेहनिमिजी
भरद्वाजजी
गुरुजीश्रीभूरिसेनजी
विस्वत मनुजी
और मन्वन्तर
रभङ्गजी
जयजी
उत्तानपादजी
श्री
ोश्वर श्रीयाज्ञवल्क्यजी
मीकजी, श्रीपिप्पलादजी,
पप्पलाइनजी
श्रीजयन्तीजी
रीक्षितजी
हंस शुकदेवजी
ह्लादजी
वीर श्रीहनुमान्जी
र्जुनजी श्रीपृथुजी
क्रूरजी
लिजी
दनिष्ठ भक्त
श्रीअगस्त्यजी
लस्त्यजी
नहजी
वनजी
रुवर्य्य 
श्रीवशिष्ठजी
भरिजी
ईमजी
त्रिजी व श्रीअनसूयाजी
जिी
तमजी
इस श्रीशुकदेवजी
मशजी
चाकजी

श्रीभृगुजी
श्रीदालभ्यजी
श्रीअङ्गिराजी
श्रीऋपिश्टङ्गजी
श्रीमाण्डव्यजी
श्रीविश्वामित्रजी
श्रीदुर्वासाजी
श्रीयाज्ञवल्क्यजी, जावालिजी
श्रीयमदग्निजी
श्रीकश्यपजी
श्रीमार्कण्डेयजी, 
श्रीमायादर्शजी
श्रीपार्वतीजी
श्रीपराशरजी
१८ महापुराण
अठारह स्मृतियाँ
और उनके १८ कर्ता
स्मृत्याचार्यो का वर्णन
श्रीराम सचिव (मत्रिवर्ग)
सुमन्त्रजी
श्री रामसहचरवर्ग
महावीर श्रीहनुमान्जी
श्रीअङ्गदजी
श्रीजाम्बवन्तजी
श्रीनल और नीलजी
नबोंनन्दजी
गोपवृन्द
श्रीयशोदाजी
रानी श्रीकीर्तिजी व श्रीवृषभानुजी
श्रीसहचरियां; ग्वालमंडल
श्रीव्रजचन्द्रजी के षोडश सखा
सप्तद्वीप के भक्त
जम्बूद्वीप के भक्त
श्वेतद्वीप के भक्त
अष्टकुलनाग
इतिपूर्वार्द्ध
कलियुग भक्तावली
वैष्णवचारोंसंप्रदाय

श्रीनिम्बादित्यजी
स्वामी अनन्त श्रीरामानुजजी
श्रीविष्णुस्वामीजी
श्रीमध्वाचार्यजी

चतुरमहन्त

श्री लालाचार्यजी

श्रीश्रुतिप्रजजी

श्रीश्रुतिदेवजी

श्रीश्रुतिधामजी

श्रीश्रुति उदधिजी

श्रीभक्तम

गुरु और शिष्य (पादपद्मजी)

श्री १०८ रामानन्दीयसम्प्रदाय

श्रीराममन्त्रराज परम्परा

श्रीरामानन्दीयसम्प्रदाय

महामुनि श्रीदेवाधिपाचार्य स्वामी

श्रीहरियानन्द आचार्य स्वामी

आचार्य स्वामी श्री १०८ राघवानन्दर्ज

श्रीअनन्तानन्दजी

श्रीरङ्गजी

पयहारी श्रीकृष्णदासजी

श्रीयोगानन्दजी

श्रीगयेगजी

श्रीकर्मचन्दजी

श्रीअल्हजी

श्रीसारी रामदासजी

श्रीनरहरिदासजी

श्रीकील्हदेवजी

श्रीसुमेरदेवजी

स्वामी श्रीअग्रदेवजी

श्रीस्मार्तआचार्यजी श्रीशकरस्वामी

श्रीनामदेवजी, उनकी माता

श्रीजयदेवजी

श्रीपद्मावतीजी

श्रीधरस्वामीजी

श्रीपरमानन्द

श्रीविल्वमगलजी

श्रीविष्णुपुरीजी


श्रीज्ञानदेवजी
श्रीत्रिलोचनजी
श्रीवल्लभाचार्यजी
श्रीभक्तदास कुलशेखरजी

श्रीलीलाअनुकरणभक्तजी

श्रीरतिवन्तीजी

प्रसादनिष्ठपुरुषोत्तमपुर-नृपति

श्रीकर्माबाईजी

सिलपिल्लेभक्ता उभयबाई

भक्तो के हित जिनने सुतो को

विष दिया वे दो बाई

मामू-भानजा

हसभक्तो का प्रसङ्ग सदाव्रती महाजन

श्रीभुवनजी चौहान

राना के कुलदेव श्रीचतुर्भुजजी के

पण्डा श्रीदेवाजी

श्रीकामध्वजजी

श्रीजयमलजी

एकग्वाल भक्तजी

श्रीश्रीधरस्वामीजी

निष्किचन नाम "हरिपाल" ब्राह्मण

श्रीसाक्षीगोपालजी के भक्त

श्रीरामदासजी

श्रीजसूस्वामीजी

श्रीनन्ददासजी वैष्णव-सेवी

श्रीअल्हजी [अर्चावतार नैष्ठिक]

वारमुखीजी

दम्पति (भक्तविप्र सपत्नीक)

एकभेषनिष्ठराजा

एक अन्निष्ठ रार्जाप तथा इनकी रान

श्रीगुरूगिष्य

श्री ६ रैदासजी महाराज

श्री ६ कबीरजी

श्री ६ पीपाजी की कथा

श्री ६ धनाजी और एक विप्र

श्री ६ सेनजी


श्री ६ सुखानन्दजी
श्री ६ सुरसुरानन्दजी
श्री ६ सुरसुरीजी देवी
श्री ६ नरहरियानन्दजी
श्रीलड्डू भक्तजी

श्रीपद्मनाभजी

श्रीतत्वाजी, श्रीजीवाजी

श्रीमाधवदासजीजगन्नाथी

श्रीरघुनाथगुसाई

श्रीनित्यानन्दप्रभुजू

श्रीकृष्णचैतन्यमहाप्रभुजू

श्रीसूरजी

श्रीपरमानन्दजी

श्रीकेशव भट्टजी

श्रीभट्टजी

श्रीहरिव्यासजी

श्रीदिवाकरजी

श्रीविठ्ठलनाथगुसाई

श्रीत्रिपुरदासजी

श्रीविट्ठलेशसुत

श्रीबालकृष्ण (श्रीकृष्णदासजी)

श्रीगोकुलनाथजी

श्रीबर्धमान श्रीगगलजी

श्रीक्षेमगुसाईजी

श्रीबिट्ठलदासजी

श्रीहरिरामहठीले

श्रीकमलाकरभट्टजी

श्रीनारायण भट्टजी

श्रीवल्लभजी

श्रीरूप व श्रीसनातनजी

श्रीहितहरिवशजी

श्रीहरिदासजी रसिक

श्रीहरिवशजीके शिष्य श्रीव्यासज

श्रीजीव गुसांईजी

गुसाई श्रीगोपालभट्टजी

अलि भगवान्

श्रीबिट्ठल बिपुलजी


श्रीजगन्नाथ थानेश्वरीजी
श्रीलोकनाथ गुसांईजी
श्रीमधु गुसाईजी
श्रीकृष्णदाम ब्रह्मचारीजी
श्रीकृष्णदास पण्डितजू

श्रीभूगर्भ गुसाईजी

श्रीरसिकमुरारिजी

श्रीसदन (सधन) जी

श्रीगुसाई काशीश्वरजी

श्रीखोजीजी

श्रीराकाजी श्रीबांकाजी

श्रीलड्डू भक्तजी

श्रीसन्तभक्तजी

श्रीतिलोक सुनारजी

श्रीघाटमजी

श्रीरुद्रप्रताप गजपतिजी

श्रीगोविन्दस्वामीजी

गुजामालोजी, और वहू

श्रीगणेशदेई रानी

श्रीनरवाहनजी

श्रीगोपालभक्तजी (जोगनेर)

श्रीलाखाजी

श्रीनरसी मेहताजी

श्रीदिवदास पुत्र श्रीजसोधरजी

श्रीनन्ददास

श्रीजनगोपालजी

श्रीमाधवदासजी

श्री अङ्गदजी

श्रीचतुर्भुजजी

श्रीमीराबाईजी

श्रीपृथ्वीराजजी

श्रीजयमलजी

श्रीमधुकरसाहजी

श्रीराठौर खेमालरत्नजी

श्रीराजा रामरयनजी

श्रीरामरयनजीकी धर्मपत्नी

श्री राजकुमार किशोरसिहजी



श्रीचतुर्भुजजी (कीर्तननिष्ठ)
श्रीकृष्णदासजी चालक
श्रीसन्तदासजी
श्रीसूरदास मदनमोह

श्रीकात्यायनीजी

श्रीमुरारिदासजी

भक्तमाल सुमेर गोस्वामी

श्रीतुलसीदासजी

चित्र

श्रीमानदासजी

श्रीगिरिधरजी

श्रीगुसाई गोकुलनाथजी

श्रीबनवारीदासजी

श्रीनारायण मिश्रजी

श्रीराघवदासजी

श्रीबावनजी

श्रीपरशुरामजी

श्रीगदाधर भट्टजी

श्रीकरमानन्दजी

श्रीकोल्हजी, श्रीअल्हूजी

श्रीनारायणदासजी

श्री पृथ्वीराजजी

श्रीसीवाजी

श्रीमतीरत्नावतीजी

श्रीजगन्नाथपारीष

श्रीमथुरादासजी

श्रीनारायणदासनृतक

श्रीजयतारन बिदुरजी

स्वामी श्रीचतुरोनगन (नागा

चतुरदासजी)

श्रीकूबाजी (केवलदास)

श्रीकान्हरजी (श्रीबिट्ठलसुत) )

श्रीनीवाजी

श्रीतूबर भगवान्

श्री जसवन्तजी

श्रीहरिदासजी

श्रीगोपालभक्त श्रीविष्णुदास


श्रीचतुर्भुजजी (कीर्तननिष्ठ)
श्रीकृष्णदासजी चालक
श्रीसन्तदासजी
श्रीसूरदास मदनमोह
श्रीकात्यायनीजी
श्रीमुरारिदासजी

भक्तमाल सुमेर गोस्वामी

श्रीतुलसीदासजी

चित्र

श्रीमानदासजी

श्रीगिरिधरजी

श्रीगुसाई गोकुलनाथजी

श्रीबनवारीदासजी

श्रीनारायण मिश्रजी

श्रीराघवदासजी

श्रीबावनजी

श्रीपरशुरामजी

श्रीगदाधर भट्टजी

श्रीकरमानन्दजी

श्रीकोल्हजी, श्रीअल्हूजी

श्रीनारायणदासजी

श्री पृथ्वीराजजी

श्रीसीवाजी

श्रीमतीरत्नावतीजी

श्रीजगन्नाथपारीष

श्रीमथुरादासजी

श्रीनारायणदासनृतक

श्रीजयतारन बिदुरजी

स्वामी श्रीचतुरोनगन (नागा

चतुरदासजी)

श्रीकूबाजी (केवलदास)

श्रीकान्हरजी (श्रीबिट्ठलसुत) )

श्रीनीवाजी

श्रीतूबर भगवान्

श्री जसवन्तजी

श्रीहरिदासजी

श्रीगोपालभक्त श्रीविष्णुदास


श्रीनाथभट्टजी
श्रीकर मैतीजी
श्रीखङ्गसेनजी कायस्थ
श्रीगङ्गग्वालजी
श्रीसोतीजी

श्रीलालदासजी

श्रीमाधवग्वाल

श्रीप्रयागदासजी

श्रीप्रेमनिधिजी

श्रीराघवदास दूबलोजी

श्रीकान्हरदासजी

श्रीकेशवलटेरा, श्रीपरशुरामजी

श्रीकेवलरामजी

श्रीआसकरनजी

श्रीहरिवशजी

श्रीकल्यानजी

श्रीबीठलदासजी

श्रीहरीदासजी

श्रीकृष्णदासजी

श्रीप्रबोधानन्द सरस्वती

श्रीद्वारकादासजी

श्रीपूर्णाजी

श्रीलक्ष्मण भट्टजी

स्वामी श्रीकृष्णदास पयहारीजी

श्रीगदा धरदासजी

श्रीनारायणदासजी

श्रीभगवान्दासजी

श्रीकल्याणसिहजी

श्रीसन्तदास श्रीमाधवदास

श्रीकान्हरदासजी

श्रीगोविन्ददासजी "भक्तमाली"

श्रीनृपमणि जगतसिहजी

श्रीगिरिधर ग्वालजी

श्रीदेवीगोपालीजी

श्रीरामदासजी

श्रीरामरायजी

श्रीभगवन्तजी (माधवदास के पुत्र)



श्रीमाधवभगवन्त के पिता श्रीलालमतीजी

इति मूलभक्तमाल

(१) टीका कर्ता श्रीप्रियादासजी का वर्णन
(२) चौबीस निष्ठाओं में विभक्त २६९ भक्तों की नामावली.
(३) सक्षिप्त यन्त्र 
(४) नम्र निवेदन
(५) सन्तभगवन्त श्रीनाभा स्वामी
(६) तिलककार की सक्षिप्त जीवनी
(७) भक्तिसुधास्वाद के प्रकाशक की संक्षिप्त जीवनी, सचित्र
(८) भक्तगुण और लक्षण (बाबूखेदन लाल लिखित)
(९) श्रीभक्तमाल माहात्म्य (वैष्णवदासकृत)
(१०) समालोचनाए
(११) श्रीअवतार वृक्ष सर डॉक्टर जार्ज ग्रियर्सन लिखित
(१२) भक्तनामावली वर्णमाला क्रमानुसार




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